सितंबर 2005 में मराइन संचेतक व इलेक्ट्रानिक दल स्थापित किया ताकि रा.म.प्रौ.सं. के निर्धारित परमादेशों को विकसित कर सके तथा समुद्र के लिए प्रदर्शनात्मक तकनीकी को बना सके । अधिकतर जलाधीन प्रणालियां ध्वनिकी आधारित प्रणालियां हैं । जिनमें जलाधीन इले इलेक्ट्रानिक काम में लाया जाता है । रा.स.प्रौ.स. की आवश्यकताएं विशिष्ट थी तथा रा.स.प्रौ.स. में प्राप्य सुविधाओं के आधार पर सभी आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं हो सकती
थी । जलाधीन प्रायोजनों के लिए इलेक्ट्रानिक प्रणालियों का अभिकल्प विकास और समेकन में कई असाध्य समस्याएं आती है । इलेक्ट्रानिस जलाधीन कार्यचालन के लिए आवश्यक सुविधाएं स्थापित की जा रहीं हैं । ये हैं इ.एम.आई / ई.एम.सी. विश्लेषक रिसने की स्थति का पता लगानेवाला उपकरण पर्यावरण परीक्षण प्रणालियां और धक्का तथा स्पदंन परीक्षण आदि जिनके लिए रा.सा.प्रौ.स. बाहरी अभिकरणों पर निर्भर रहना पड़ता है । पर यह सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर नहीं मिलती है । अत : रा.स.प्रौ.स. के इलेक्ट्रानिक आवश्यकताओं के लिए एक ही छादन पर एकबारगी समाधान के लिए कार्य चल रहा है और प्रायोजना को सफल तथा तीव्रतर रूप में कार्यान्वयन के लिए प्रयास जारी है । सामुद्रिक संचेतक का संकेंद्रण भी चल रहा
है ।
रा.स.प्रौ.स. की विभिन्न गतिविधियों और प्रयोजनाओं के लिए इलेक्ट्रानिक समाधान समाधार प्रदान करने के लिए सर्वोत्तम सुविधा स्थापित करना ।
विकास की स्थिति में समय कम करने तथा तीव्रतर प्रोटोटाइपिंग को बढ़ाने के लिए अत: संरचना बनाना सामुद्रिक प्रयोजनों के लिए अतिसूक्ष्म जलाधीन संचेतक प्रोद्योगिकी को विकसित करना ।
समुद्री इलेक्ट्रानिक संबंधी मामलों में विशेषज्ञता पैदा करना ।
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